PRINCIPALS

  • स्वास्थ्य खरीदा नहीं जा सकता !
  • मन शांत कर प्राकृतिक चिकित्सा लेनी चाहिए नहीं तो कई प्रकार की धारणाएं रोगी को स्वस्थ होने नहीं देती !
  • प्राकृतिक चिकित्सा का उद्देश्य अपने डॉक्टर आप स्वयं बने !
  • प्राकृतिक चिकित्सा औषधी विहीन चिकित्सा पद्धति है !
  • प्राकृतिक चिकित्सा में रोगी की खुद की इच्छा ठीक होने का विश्वास और पक्का इरादा बहुत ही जरूरी है वरना रोगी को जल्द स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाता !
  • बाह्य उपचार चाहे किसी भी उपचार पद्धति के हो केवल आराम देते हैं ना कि रोग निवारण करते हैं
    "दर्द भी मिटता रहे, रहता रहे बीमार भी ।
    रोग भी कायम रहे, जीता रहे बीमार भी" ।।
  • प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति संयम पर आधारित है !
  • प्राकृतिक चिकित्सा के साइड इफेक्ट या आफ्टर इफेक्ट बिल्कुल नहीं है उल्टे शरीर का सुडोल, सुंदर और स्वस्थ होना इसके परिणाम है !
  • सच्चा स्वास्थ्य क्या है यह प्राकृतिक चिकित्सा के द्वारा ही जाना जा सकता है !
  • प्राकृतिक चिकित्सा सीधी सादी है !
  • भोजन शरीर बनाने वाला है जीवनी शक्ति बढ़ाने वाला नहीं !
  • उपवास किसी बीमारी विशेष को ठीक नहीं करता परंतु उससे सारा शरीर ठीक होता है !
  • व्यायाम शरीर के पोषण और सफाई में संतुलन रखता है !
  • रोग के कीटाणु रोग पैदा नहीं करते बल्कि रोगावस्था में पाए जाते हैं !
  • शरीर के तीव्र रोग एक उपचारीय प्रयास है !
  • चयापचय अवशेष का शरीर में एकत्रित होना ही बीमारी का कारण है !
  • रोग का मुख्य कारण नाड़ी मंडल की थकान है !
  • यह शरीर पंचतत्व आकाश वायु अग्नि जल पृथ्वी से बना है और यह इन पंच तत्वों के समुचित उपयोग से ही पुनः नवीन हो सकता है प्राकृतिक चिकित्सा इन पंचमहाभूतो पर आधारित है यह शरीर को शुद्ध कर उसे स्वस्थ बनाती है !
  • सभी उपचार शक्तियां हमारे शरीर में विद्यमान है !
  • प्रकृति रोग मिटाती है डॉक्टर नहीं !
  • शरीर अपने आप ठीक होता है !
  • प्राकृतिक चिकित्सा अन्य चिकित्सा पद्धतियों से भिन्न है यह रोग को दबाती नहीं है अपितु दबे हुए रोगो को उपवास रसाहार द्वारा शरीर से बाहर निकालने में मदद करती है !
  • शरीर में जीवनी शक्ति होने से औषधियां भी काम करती नजर आती है उपचार अच्छे लगते हैं परंतु जब यह शरीर की जीवनी शक्ति नहीं रहती तब दवाइयां भी काम करना छोड़ देती है और मृत्यु नजर आती है !
  • प्राकृतिक चिकित्सा में क्रियात्‍मक रोग अर्थात् फंक्शनल डिजीज ठीक होते हैं !
  • प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में रोग एक बार निश्चित रूप से बढ़ जाता है जिसका अर्थ है की रोग अपनी जड़ छोड रहा है और जल्द ही रोगी को स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है !